फेसबुक ने बनाया दुनिया का सबसे तेज AI सुपर कंप्यूटर, 5 प्वाइंट में जानें इसके फायदे

Meta Supercomputer RSC फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि उन्होंने आज AI रिसर्च सुपरकलस्टर (RSC) कंप्यूटर पेश किया गया है। यह साल 2022 के मध्य तक बनकर तैयार हो सकता है उस वक्त यह दुनिया का सबसे फास्ट AI सुपर कंप्यूटर होगा।
Meta Supercomputer RSC: फेसबुक की पैसेंट्स कंपनी मेटा (Meta) ने कहा कि उसकी तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुपरकंप्यूटर पेश किया गया हैं,जो कि दुनिया का सबसे फास्ट सुपरकंप्यूटर है, जिसे अगले साल यानी 2023 के मध्य तक लॉन्च किया जा सकता है। उसी वक्त फोन की कीमत का खुलासा हो सकता है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि उन्होंने आज AI रिसर्च सुपरकलस्टर (RSC) कंप्यूटर पेश किया गया है। यह साल 2022 के मध्य तक बनकर तैयार हो सकता है, उस वक्त यह दुनिया का सबसे फास्ट AI सुपर कंप्यूटर होगा।
फेसबुक ने बनाया दुनिया का सबसे तेज AI सुपर कंप्यूटर, 5 प्वाइंट में जानें इसके फायदे
Meta Supercomputer RSC फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि उन्होंने आज AI रिसर्च सुपरकलस्टर (RSC) कंप्यूटर पेश किया गया है। यह साल 2022 के मध्य तक बनकर तैयार हो सकता है उस वक्त यह दुनिया का सबसे फास्ट AI सुपर कंप्यूटर होगा।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। Meta Supercomputer RSC: फेसबुक की पैसेंट्स कंपनी मेटा (Meta) ने कहा कि उसकी तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुपरकंप्यूटर पेश किया गया हैं,जो कि दुनिया का सबसे फास्ट सुपरकंप्यूटर है, जिसे अगले साल यानी 2023 के मध्य तक लॉन्च किया जा सकता है। उसी वक्त फोन की कीमत का खुलासा हो सकता है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि उन्होंने आज AI रिसर्च सुपरकलस्टर (RSC) कंप्यूटर पेश किया गया है। यह साल 2022 के मध्य तक बनकर तैयार हो सकता है, उस वक्त यह दुनिया का सबसे फास्ट AI सुपर कंप्यूटर 
क्या होगा फायदा 

मौजूदा वक्त के AI सुपर कंप्यूटर कई भाषाओं को ट्रांसलेट करने का काम करते हैं। साथ ही खतरनाक कंटेंट की पहचान AI बेस्ड सुपर कंप्यूटर से होगी। है। लेकिन नेक्स्ड जनरेशन सुपरकंप्यूटर क्विनट्रिलियन गणितीय गणनाएं प्रति सेकेंड के हिसाब से कैलकुलेट कर पाएगा। बता दें कि 1 क्विनट्रिलियन में 10 जीरो में होते हैं। ऐसी सभी गणनाओं को क्विनट्रिलियन गणनाएं कहा जाता है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल रिसर्च में किया जाएगा। यही वजह है कि जुकबर्ग की तरफ इसे AI रिसर्च सुपरक्लस्टर (RSC) नाम दिया गया है। RSC को मशीन लर्निंग के लिए लिहाज से डिजाइन किया गया है। 2022 के अंत से पहले RSC का दूसरा चरण पूरा हो जाएगा। उस समय इसमें कुल 16,000 GPU होंगे। 
इसका इस्तेमाल कंटेंट मॉरेशन से लेकर मेटा बिजनेस तक में होगा। यह आम कम्प्यूटर के मुकाबले कई गुना तेज होता है। साथ ही, सुपरकम्प्यूटर जटिल से जटिल कैल्कुलेशन को आसानी से कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर हेट स्पीच को रोकने में भी करेगा। RSC का इस्तेमाल आग्युमेंट रियलिटी में भी होगा। RSC सेकेंडों में ट्रिलियन ऑपरेशन करने में सक्षम है।

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